
पत्रकारों के लिए सुरक्षा कवच बना प्रखर पत्रकार महासंघ, राहत कोष शुरू, बीमा और हेल्थ योजना पर तेजी से काम
प्रदेश स्तरीय बैठक में पत्रकार हितों को लेकर लिए गए बड़े फैसले, आर्थिक सहायता से लेकर स्वास्थ्य सुरक्षा तक बनी कार्ययोजना
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को मुंगेली नाका स्थित सर्किट हाउस में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर से पहुंचे पत्रकारों और पदाधिकारियों ने पत्रकार सुरक्षा, सामाजिक सहयोग, स्वास्थ्य सुविधाओं और संगठन विस्तार को लेकर गंभीर मंथन किया। इस दौरान पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें राहत कोष को सक्रिय रूप से शुरू करना, सामूहिक बीमा योजना लागू करना और निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करना प्रमुख रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विनय मिश्रा ने कहा कि पत्रकार आज कठिन परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। कई बार दुर्घटना, बीमारी या आकस्मिक परिस्थितियों में पत्रकार और उनके परिवार आर्थिक संकट में आ जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए महासंघ ने पत्रकार राहत कोष की शुरुआत कर दी है, जिसे आगे और मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राहत कोष में राशि जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आने वाले समय में इसमें और सहयोग राशि जोड़ी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर पत्रकार साथियों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। संगठन का उद्देश्य केवल पत्रकारों की आवाज उठाना नहीं, बल्कि जरूरत के समय उनके साथ मजबूती से खड़ा रहना भी है।
बीमा योजना से मिलेगा सुरक्षा का भरोसा
बैठक में महासंघ से जुड़े सभी पदाधिकारियों और सदस्यों के लिए सामूहिक बीमा योजना लागू करने पर भी सहमति बनी। संगठन का मानना है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार बढ़ते जोखिम को देखते हुए बीमा सुरक्षा बेहद जरूरी है। इस योजना से किसी भी अप्रिय स्थिति में पत्रकार परिवारों को आर्थिक संबल मिल सकेगा।
स्वास्थ्य शिविर और फुल बॉडी चेकअप की तैयारी
पत्रकारों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए महासंघ ने समय-समय पर निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्णय लिया है। इसमें फुल बॉडी चेकअप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार भागदौड़ और तनावपूर्ण कार्यशैली के कारण पत्रकार अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर देते हैं, ऐसे में यह पहल उनके लिए राहतकारी साबित होगी।
संगठन को जिलों तक मजबूत करने की रणनीति
बैठक में संगठन विस्तार को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए। वरिष्ठ पदाधिकारियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि पत्रकारों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर सुना और समाधान किया जा सके। संगठन ने स्पष्ट किया कि पत्रकार हितों की लड़ाई अब और संगठित तथा प्रभावी तरीके से लड़ी जाएगी।
पत्रकार एकता पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष विनय मिश्रा ने कहा कि “छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ” केवल संगठन नहीं बल्कि पत्रकारों की सामूहिक ताकत है। उन्होंने सभी पत्रकारों से एकजुट होकर पत्रकार हितों की लड़ाई में साथ आने की अपील की।
बैठक में आगामी 30 मई 2026 को पुनः सर्किट हाउस में अगली बैठक आयोजित करने की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उमाकांत मिश्रा, प्रदेश महासचिव पंकज खंडेलवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष डब्बू ठाकुर, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेंद्र कश्यप, प्रदेश सचिव अजय द्विवेदी, उमा साहू, ध्रुव चंद्रा (राजू), कमल दुसेजा, यू. मुरली राव, सुरजीत सिंह चावला, मनोज श्रीवास्तव, जसपाल सिंह गोल्डी, श्रेया वैष्णो, चंद्रशेखर श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।
