
भक्ति और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, राज्यपाल-सीएम ने निभाई ‘छेरा पहरा’ की परंपरा
रायपुर। भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जगन्नाथ मंदिरों से श्रद्धा और उत्साह के साथ रथयात्राएं निकाली गईं। रायपुर के अवंति विहार-गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने महाप्रभु के रथ के आगे स्वर्ण झाड़ू लगाकर पारंपरिक ‘छेरा पहरा’ की रस्म निभाई और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
रथयात्रा से पहले मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी महाप्रभु के दर्शन कर पूजा की तथा भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक कंधे पर उठाकर रथ तक पहुंचाया। इसके बाद जयघोष और भजन-कीर्तन के बीच रथयात्रा का शुभारंभ हुआ।

रथयात्रा को लेकर मंदिर परिसर और पूरे मार्ग को आकर्षक फूलों तथा पारंपरिक सजावट से संवारा गया था। नगर निगम और प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की थीं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए यातायात पुलिस ने कई मार्गों पर अस्थायी डायवर्जन लागू कर लोगों से निर्धारित मार्गों का उपयोग करने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
ओडिशा की पारंपरिक कला से सजा मंदिर और रथ
इस वर्ष भी ओडिशा से आए शिल्पकारों ने जगन्नाथ मंदिर और रथों को पुरी की पारंपरिक शैली में आकर्षक रंगों और धार्मिक चित्रों से सजाया। मंदिर की दीवारों, प्रवेश द्वार और रथों पर की गई कलात्मक सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
वहीं, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना तथा रथयात्रा से जुड़े सभी वैदिक अनुष्ठानों को शास्त्रोक्त विधि से संपन्न कराने के लिए ओडिशा से आए पुजारियों ने धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन किया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला।
