
सैदा हत्याकांड में विवेचक की मेहनत लाई रंग, तीन आरोपियों को उम्रकैद…
दामोदर मिश्रा की विवेचना बनी सजा का आधार
बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम सैदा में आपसी विवाद के दौरान ग्रामीण की हत्या के मामले में जिला न्यायालय ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पंचम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश छाया सिंह ने 29 सितंबर को फैसला सुनाते हुए राजेश सूर्यवंशी, योगेश सूर्यवंशी और रामकुमार सूर्यवंशी को हत्या का दोषी ठहराया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों पर 100-100 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
मामला 4 अगस्त 2024 की शाम का है। ग्राम सैदा निवासी रामायण सूर्यवंशी के घर के सामने दो युवकों के बीच विवाद हो रहा था। रामायण सूर्यवंशी ने दोनों को घर से बाहर निकलकर विवाद करने से मना किया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और आरोपियों राजेश सूर्यवंशी, योगेश सूर्यवंशी तथा रामकुमार सूर्यवंशी ने कथित रूप से गला घोंटकर रामायण सूर्यवंशी की हत्या कर दी।घटना के बाद मृतक की पत्नी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और परिस्थितिजन्य तथ्यों को संकलित कर आरोपियों के विरुद्ध चालान न्यायालय में पेश किया।
प्रकरण में विवेचक दामोदर मिश्रा ने बारीकी से जांच करते हुए साक्ष्यों को व्यवस्थित ढंग से जुटाया। अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
न्यायालय से सजा पाने वालों में राजेश सूर्यवंशी (35), पिता रामकुमार सूर्यवंशी, योगेश सूर्यवंशी (23), पिता कृष्ण कुमार सूर्यवंशी और रामकुमार सूर्यवंशी (50), पिता वेद प्रसाद सूर्यवंशी शामिल हैं।
