
स्कूल ड्रेस में निकलीं, रास्ते में पहना बुर्का… चालक को हुआ शक तो पुलिस को दी सूचना
बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक सतर्क ऑटो चालक की सूझबूझ से तीन नाबालिग छात्राओं को बड़ी मुसीबत में फंसने से बचा लिया गया। स्कूल ड्रेस में घर से निकलीं तीनों छात्राएं गुरुनानक चौक से ऑटो में बैठकर रेलवे स्टेशन जाने के लिए निकली थीं और आगरा जाने की जिद कर रही थीं। रास्ते में उनकी हरकतों पर शक होने पर चालक ने समझदारी दिखाते हुए पुलिस को सूचना दे दी, जिससे समय रहते तीनों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार ऑटो चालक को उस समय शक हुआ जब रास्ते में छात्राओं ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहन लिया और जल्द से जल्द स्टेशन पहुंचाने का दबाव बनाने लगीं। बातचीत के दौरान चालक को यह भी पता चला कि तीनों के पास करीब 70 हजार रुपये हैं और वे बिना किसी अभिभावक के अकेले आगरा जाने की बात कर रही हैं। यह सुनकर चालक को मामला संदिग्ध लगा और उसने तुरंत डायल 112 को सूचना दे दी।
स्थिति को संभालते हुए चालक ने चतुराई से ऑटो को उसलापुर स्टेशन की ओर मोड़ दिया, जहां पहले से मौजूद पुलिस ने तीनों छात्राओं को अपने संरक्षण में ले लिया। पूछताछ में पता चला कि छात्राओं में से एक अपने माता-पिता के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद से परेशान थी और भावनात्मक आवेश में अपने पिता से मिलने आगरा जाने का फैसला कर लिया था। उसी के कहने पर उसकी दो सहेलियां भी साथ चल पड़ीं।
सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू ने बताया कि पुलिस ने तीनों छात्राओं की काउंसलिंग कर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। साथ ही अभिभावकों को समझाइश दी गई है कि किशोरावस्था में बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि वे भावनात्मक दबाव में इस तरह का कदम न उठाएं।
सतर्क चालक की समझदारी से बची बड़ी घटना
ऑटो चालक की सतर्कता से समय रहते पुलिस को सूचना मिल गई, जिससे तीनों नाबालिग छात्राओं को सुरक्षित रोक लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो छात्राएं दूसरे शहर के लिए निकल सकती थीं, जिससे मामला गंभीर हो सकता था। पुलिस ने चालक की सूझबूझ की सराहना करते हुए लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
