
योग से व्यक्ति निरोग रह सकता है – डॉ. फूलदास महंत
बिलासपुर। डॉ. फूलदास महंत ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर योग के महत्व और उसके स्वास्थ्य लाभों को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से निरोग रह सकता है।
बिलासपुर स्थित नवीन शासकीय महाविद्यालय सकरी में कार्यरत हिंदी के प्राध्यापक एवं कैवल्य धाम योग केंद्र शाहपुरा भोपाल से वर्ष 1993 में प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक डॉ. महंत का कहना है कि योग का मूल मंत्र शरीर और मन का संतुलन है। शांत चित्त होकर शरीर के प्रत्येक अंग पर ध्यान केंद्रित करना ही वास्तविक योग है। उन्होंने बताया कि योग के अंत में कम से कम तीन बार मंत्रोच्चारण करना चाहिए तथा उसके बाद शरीर से अपशिष्ट पदार्थों का त्याग करना जरूरी होता है।
डॉ. महंत को रविद्र चौबे द्वारा किरोड़ीमल शासकीय महाविद्यालय के 73 छात्र-छात्राओं को एक माह तक योग प्रशिक्षण देने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर में रायगढ़ जिले के छात्र-छात्राओं को योग प्रशिक्षण देने पर भी उन्हें सम्मान एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। विगत पांच वर्षों से नवीन शासकीय महाविद्यालय सकरी में लगातार 21 जून को योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
डॉ. महंत के बताए योग टिप्स
प्रतिदिन सुबह कम से कम 30 मिनट योग अवश्य करें।
योग करने से मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
योग हमेशा खुले और हवादार स्थान पर योग मैट बिछाकर करें।
योग प्रारंभ करने से पहले पद्मासन में बैठकर प्रार्थना करें और मन को एकाग्र करें।
प्रत्येक आसन के बाद कम से कम एक मिनट शवासन अवश्य करें ताकि श्वास सामान्य हो सके।
योग करते समय ढीले और आरामदायक कपड़े पहनना चाहिए।
ब्लड प्रेशर, शुगर, आंख, पेट, सर्वाइकल, कमर दर्द एवं हाथ-पैर दर्द से पीड़ित लोगों के लिए योग लाभकारी है, लेकिन प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही योग करना चाहिए।
योगासन के बाद प्राणायाम, कपालभाति और अनुलोम-विलोम अवश्य करें।
