
‘न्याय नहीं तो आंदोलन’, नारायणा स्कूल के खिलाफ कोर्ट जाएगी एनएसयूआई
बिलासपुर। नारायणा टेक्नोक्रेट स्कूल की कथित अनियमितताओं को लेकर अब मामला न्यायालय तक पहुंचने की तैयारी में है। छात्रों को न्याय दिलाने के लिए एनएसयूआई ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर करने का ऐलान किया है। इससे पहले युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।

एनएसयूआई पदाधिकारियों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने प्रवेश के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूल की, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ी। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में बच्चों के भविष्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ किया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक अभिभावकों को उनकी राशि वापस नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत सीबीएसई मुख्यालय भुवनेश्वर में भी की जाएगी। वहां यह सवाल उठाया जाएगा कि आखिर किन आधारों पर विद्यालय को संबद्धता प्रदान की गई, जबकि प्रबंधन पर सीबीएसई के नाम के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं।
गौरतलब है कि एनएसयूआई ने हाल ही में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। आरोप है कि विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया सितंबर 2024 से शुरू कर दी गई थी, जबकि वास्तविक संचालन अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ।
वहीं, सीबीएसई नियमों के उल्लंघन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। संगठन का कहना है कि विद्यालय द्वारा वसूली गई फीस का लेखा-जोखा स्थानीय स्तर पर पारदर्शी रूप से नहीं रखा जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि फीस की राशि किसी अन्य राज्य के खातों में स्थानांतरित की जा रही है, जो नियमों के खिलाफ है।
एनएसयूआई ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
