
35 वर्ष बाद मिला सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल 1990 बैच, शिक्षकों के सम्मान के साथ यादगार बना ग्रैंड रीयूनियन
बिलासपुर। सेंट जोसफ कॉन्वेंट हाई स्कूल, बिलासपुर के वर्ष 1990 बैच की पूर्व छात्राओं द्वारा 13 जून को आयोजित दो दिवसीय भव्य पुनर्मिलन समारोह ने मित्रता, सम्मान और भावनाओं की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की। इस अवसर पर लगभग 50 पूर्व छात्राएं वर्षों बाद एक मंच पर एकत्रित हुईं और अपने विद्यालय जीवन की सुनहरी यादों को पुनः जीवंत किया।
इस अवसर पर आयोजित टी पार्टी में विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर बीबियाना, मिस नाग, मिस परवीन, मिस शहीदा एवं एम.आर. सलूजा सर विशेष रूप से उपस्थित रहे। 35 वर्षों बाद एक-दूसरे से मिलते ही सभी सहेलियां भावुक हो उठीं। आत्मीय आलिंगन, मुस्कुराहटों और अश्रुपूरित आंखों के बीच विद्यालय में बिताए गए मधुर एवं अविस्मरणीय पलों को साझा किया गया। गीत-संगीत, हंसी-ठिठोली और पुराने संस्मरणों ने पूरे वातावरण को भावनात्मक बना दिया।
इस आयोजन मै”ग्रैंड रीयूनियन – बैच 1990 सफरनामा” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्या सिस्टर बीबियाना, सिस्टर ग्रेसी पॉल, मिस नाग, मिस परवीन, मिस शहीदा एवं एम.आर. सलूजा सर का तिलक, बैच, पुष्पमाला, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं सप्रेम भेंट देकर सम्मान किया गया। ढोल-नगाड़ों एवं उत्साहपूर्ण स्वागत के बीच कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्राओं ने अपने छात्र जीवन की अनमोल स्मृतियों को साझा किया, वहीं शिक्षकों ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन एवं आशीर्वचनों से सभी को भावविभोर कर दिया। इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य उन शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करना था, जिन्होंने विद्यार्थियों के जीवन निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सम्मान समारोह के उपरांत सभी सखियां चितवन फार्म पहुंचीं, जहां मित्रता और अपनत्व का एक अनूठा उत्सव देखने को मिला। सभी ने एक-दूसरे को स्नेह स्वरूप आकर्षक उपहार भेंट किए। डीजे की धुनों पर जमकर नृत्य किया गया, विभिन्न मनोरंजक खेलों का आयोजन हुआ तथा पूरे दिन हंसी, खुशी और उल्लास का वातावरण बना रहा। इस दौरान सभी ने अपने-अपने जीवन के संघर्षों, उपलब्धियों और अनुभवों को साझा किया, जिससे वर्षों पुराना मित्रता का बंधन और अधिक मजबूत हुआ।
दिनभर साथ बिताने के बाद विदाई के क्षण अत्यंत भावुक रहे। सभी सहेलियों ने भविष्य में पुनः मिलने का संकल्प लिया और “फिर मिलेंगे” के वादे के साथ एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए अपने-अपने घरों के लिए रवाना हुईं।
यह पुनर्मिलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मित्रता, गुरु सम्मान और जीवनभर बने रहने वाले संबंधों का एक अविस्मरणीय उत्सव बन गया। कार्यक्रम की सफलता में प्राचार्या सिस्टर बीबियाना एवं समस्त आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा।
