
गंदे पानी में कराई राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता, अब आम लोगों के लिए भी बंद रहा तरण पुष्कर
7 सितंबर को पूल खुलने की थी उम्मीद, बच्चे लेकर पहुंचे लोग लौटे मायूस; क्लोरीन सिलेंडर का अब भी इंतजार
बिलासपुर। मुंगेली नाका स्थित संजय तरण पुष्कर में 3 से 6 सितंबर तक आयोजित राज्य स्तरीय शासकीय शालेय तैराकी प्रतियोगिता ने व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे सैकड़ों स्कूली खिलाड़ियों ने जिस स्विमिंग पूल में प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, वहां पानी की स्वच्छता को लेकर स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। पूल के पानी में कीड़े तक दिखाई देने के बावजूद प्रतियोगिता आयोजित करा दी गई।
कई दिन से नहीं थी क्लोरीन की व्यवस्था-
जानकारी के मुताबिक प्रतियोगिता के दौरान तरण पुष्कर में पिछले कई दिनों से क्लोरीन गैस की आपूर्ति नहीं थी। नियमित क्लोरीनेशन और रखरखाव नहीं होने से पूल के पानी की स्थिति खराब हो गई। पानी में कीड़े तैरते दिखाई देने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद प्रतियोगिता को स्थगित करने या खिलाड़ियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय उसी पूल में मुकाबले कराए गए।
तैराकी जैसे खेल में खिलाड़ियों का सीधे पानी के संपर्क में रहना होता है। ऐसे में पानी की गुणवत्ता और स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके बावजूद प्रतियोगिता के दौरान इस बुनियादी व्यवस्था की अनदेखी किए जाने से आयोजन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
आयोजन से पहले ही अधिकारियों को दी गई थी सूचना-
मामले में यह भी सामने आया है कि प्रतियोगिता शुरू होने से पहले संबंधित अधिकारियों और कमिश्नर को पूल में क्लोरीन सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने और पानी गंदा होने की जानकारी दी जा चुकी थी। इसके बाद भी प्रतियोगिता का आयोजन उसी पूल में कराया गया।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जिम्मेदार अधिकारियों को पहले से पूल की स्थिति की जानकारी थी, तो खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समय रहते सफाई और क्लोरीनेशन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
अब क्लोरीन सिलेंडर का इंतजार-
अधिकारियों के मुताबिक क्लोरीन सिलेंडर रास्ते में है। सिलेंडर पहुंचने के बाद पूल की सफाई और क्लोरीनेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही इसे आम नागरिकों के लिए खोलने की बात कही जा रही है।
बच्चों को लेकर पहुंचे, बंद मिला गेट-
सोमवार को तरण पुष्कर पहुंचे लोगों ने बताया कि वे बच्चों को तैराकी कराने के लिए लेकर आए थे, लेकिन पूल बंद मिला। लोगों को बिना तैराकी किए ही वापस लौटना पड़ा। इससे नागरिकों में नाराजगी भी देखी गई। उनका कहना है कि यदि पूल खोलने की तैयारी पूरी नहीं थी तो पहले से स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए थी, ताकि लोग बेवजह बच्चों को लेकर यहां नहीं पहुंचते।
अब सवाल यह है कि जब 3 से 6 सितंबर तक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए पूल का इस्तेमाल किया जा सकता था, तो प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद भी आम नागरिकों के लिए इसे सुरक्षित तरीके से शुरू क्यों नहीं किया जा सका। पहले गंदे पानी में प्रतियोगिता और अब तय तारीख पर भी पूल बंद—संजय तरण पुष्कर की व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
अधिकारियों के नॉलेज में था की क्लोरीन सिलेंडर नहीं है कहा गया था कि यहां प्रतियोगिता न कराए, फिलहाल कल य परसों तक क्लोरीन सिलेंडर पहुंचेगा उसके बाद साफ सफाई होने के बाद यह स्विमिंग पूल आम जनता के लिए खुलेगा- ज्योति देवांगन, सहायक प्रबंधक( मैकेनिकल इंजीनियर), तरण पुष्कर
