
SOCIAL BOYCOTT प्रेम विवाह की सजा,सामाजिक परंपराओं के नाम पर सात जोड़ों का बहिष्कार
कुम्भकार समाज के पदाधिकारियों पर मानवाधिकार हनन के आरोप, जीते जी कराया मृत्यु भोज
बिलासपुर। जिले में सामाजिक परंपराओं के नाम पर समानांतर व्यवस्था चलाकर मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला सामने आया है। अंतर्जातीय प्रेम विवाह करने वाले सात जोड़ों ने समाज के पदाधिकारियों पर सामाजिक बहिष्कार, अवैध वसूली और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की है।
पीड़ितों का आरोप है कि झेरियानामा प्रजापति कुम्भकार समाज रतनपुर राज के पदाधिकारियों ने बिलासपुर, कोरबा और कवर्धा क्षेत्र के सात युवकों को प्रेम विवाह करने के कारण समाज से बाहर कर दिया। इतना ही नहीं, चार मामलों में पीड़ितों के जीवित रहते ही उनका सामाजिक मृत्यु भोज और कमार कार्यक्रम तक करा दिया गया।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे पीड़ित परिवारों ने बताया कि समाज के 13 नामजद पदाधिकारियों ने वर्षों से उन्हें सामाजिक रूप से अलग-थलग कर रखा है। परिवारों पर दबाव बनाकर कथित सामाजिक दंड के नाम पर मोटी रकम भी वसूली गई। रकम लेने के बाद परिजनों को तो समाज में दोबारा शामिल कर लिया गया, लेकिन प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों का हुक्का-पानी आज भी बंद रखा गया है।
पीड़ितों का कहना है कि 10 मई को आयोजित सामाजिक बैठक में उन्होंने समाज में वापस शामिल करने की गुहार लगाई थी, लेकिन पदाधिकारियों ने उनकी बात ठुकरा दी। लगातार हो रही प्रताड़ना और अपमान से परेशान होकर सभी पीड़ित जोड़ों ने प्रशासन से सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जीवित रहते करा दिया मृत्यु भोज
कोनी क्षेत्र के ग्राम घुटंकू निवासी सोमेश प्रजापति ने वर्ष 2016 में दीप्ती पटेल से अंतर्जातीय विवाह किया था। आरोप है कि समाज के पदाधिकारियों ने परिवार पर दबाव बनाकर सोमेश के जीवित रहते ही उनका सामाजिक मृत्यु भोज करा दिया। परिवार से कथित दंड वसूलने के बाद उन्हें समाज में शामिल कर लिया गया, लेकिन सोमेश और उनकी पत्नी को आज भी बहिष्कृत रखा गया है।
शादी-ब्याह और सामाजिक कार्यक्रमों में रोक
मस्तूरी निवासी हरिशंकर प्रजापति ने वर्ष 2022 में भगवती श्रीवास से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद परिवार से कथित सामाजिक दंड लेकर जीते जी मृत्यु भोज कराया गया। पीड़ित दंपती को शादी-ब्याह, छठी कार्यक्रम और गमी जैसे सामाजिक आयोजनों में शामिल होने से रोक दिया गया है।
12 साल बाद भी नहीं खत्म हुई प्रताड़ना
मस्तूरी निवासी मनोज कुमार ने वर्ष 2014 में रीना ध्रुव गोड़ से विवाह किया था। आरोप है कि विवाह के वर्षों बाद भी समाज के पदाधिकारियों का दबाव बना हुआ है। मनोज के जीवित रहते सामाजिक मृत्यु भोज कराया गया और परिवार से जुर्माना वसूला गया। परिजनों को समाज में शामिल कर लिया गया, लेकिन दंपती आज भी सामाजिक बहिष्कार झेल रहा है।
कवर्धा में विवाह करने पर भुगत रहे सजा
तखतपुर क्षेत्र के सिंघानपुरी बाजार निवासी संजय कुमार ने वर्ष 2023 में कवर्धा निवासी हेमलता ठाकुर से विवाह किया था। आरोप है कि समाज के लोगों ने परिवार को धमकाकर संजय का जीते जी मृत्यु भोज कराया और कथित सामाजिक दंड की वसूली की। इसके बावजूद दंपती को समाज से बाहर रखा गया है।
परिवार को अपनाया, लेकिन मुझे नहीं
सिविल लाइन बिलासपुर निवासी रोशन प्रजापति ने वर्ष 2022 में छाया मानिकपुरी से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद समाज ने उनका हुक्का-पानी बंद कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि परिवार से रकम लेने के बाद उन्हें समाज में वापस शामिल कर लिया गया, लेकिन रोशन और उनकी पत्नी को आज भी स्वीकार नहीं किया गया है।
आवेदन देने पर भी नहीं मिली राहत-
कोरबा पाली निवासी शिव कुमार ने वर्ष 2022 में रूखमणी साहू से विवाह किया था। उन्होंने 15 अप्रैल 2026 को समाज के समक्ष आवेदन देकर पुनः शामिल करने की मांग की थी, लेकिन 10 मई को हुई बैठक में उन्हें अपमानित कर लौटा दिया गया। आरोप है कि परिवार से दंड वसूला गया और दंपती का सामाजिक बहिष्कार जारी रखा गया।
11 साल पुरानी शादी की अब भी सजा-
पोड़ी पाली निवासी अशोक कुमार प्रजापति ने वर्ष 2015 में मनीषा कंवर से प्रेम विवाह किया था। आरोप है कि समाज के पदाधिकारियों ने परिवार पर दबाव बनाकर जुर्माना वसूला। परिवार को समाज में वापस ले लिया गया, लेकिन अशोक और उनकी पत्नी को आज भी सामाजिक रूप से अलग रखा गया है।
