Ethanol in Petrol : पेट्रोल में 20% से अधिक एथनॉल मिश्रण पर अभी नहीं होगा फैसला, प्रीमियम पेट्रोल रहेगा बिना एथनॉल
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार का कहना है कि भविष्य में इस संबंध में कोई भी फैसला व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी परीक्षण और वाहन निर्माताओं, तेल कंपनियों तथा अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ही किया जाएगा।
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि देश ने तय लक्ष्य से करीब पांच वर्ष पहले ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। वर्ष 2013-14 में जहां औसत एथनॉल मिश्रण केवल 1.53 प्रतिशत था, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम से देश को कई महत्वपूर्ण लाभ मिले हैं। इससे वर्ष 2014-15 के बाद से लगभग 1.97 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, करीब 316 लाख टन कच्चे तेल का आयात कम हुआ है तथा लगभग 952 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है। इसके अलावा किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त आय भी प्राप्त हुई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रीमियम ग्रेड के पेट्रोल की आपूर्ति पहले की तरह बिना एथनॉल मिश्रण के जारी रहेगी।
मंत्री ने कहा कि अब तक वाहन निर्माताओं, ऑटोमोबाइल संगठनों या उपभोक्ताओं की ओर से ई-20 ईंधन के कारण इंजन खराब होने या फ्यूल सिस्टम में व्यापक स्तर पर किसी गंभीर समस्या की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई चिंताओं का सरकार ने संज्ञान लिया है और उनका वैज्ञानिक आधार पर परीक्षण भी कराया गया है।

