
पचपेड़ी में साइबर सुरक्षा अभियान, 3,500 विद्यार्थियों को ठगी से बचने के बताए तरीके
बिलासपुर। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच लोगों, खासकर विद्यार्थियों को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ को साइबर क्राइम मुक्त बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में विशेष साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में पचपेड़ी थाना क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों और छात्रावासों में विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह के नेतृत्व में चल रहे अभियान के तहत थाना प्रभारी कमला पुसाम ठाकुर की पहल पर 16 अगस्त से शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों तथा छात्रावासों में लगातार साइबर जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक करीब 3,500 से अधिक विद्यार्थियों को मोबाइल और इंटरनेट के जरिए होने वाली साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों की जानकारी दी जा चुकी है।
कार्यशालाओं में पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर ठग नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे में मोबाइल पर आने वाले ओटीपी को किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। अनजान एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और अनजान नंबरों से आने वाले व्हाट्सऐप संदेशों व वीडियो कॉल को सावधानीपूर्वक हैंडल करने की सलाह दी गई।
विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि साइबर अपराधी कई बार डर, लालच या किसी जरूरी काम का झांसा देकर लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत परिजनों और पुलिस को जानकारी देने के लिए भी प्रेरित किया गया।
पुलिस टीम ने साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, राशि को रोकने या आगे की कार्रवाई करने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने और स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी डिजिटल अपराधों से बचाने की शपथ दिलाई गई। पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में भी क्षेत्र के अन्य शिक्षण संस्थानों में जारी रहने की बात कही गई है।
अभियान को सफल बनाने में पचपेड़ी थाना टीम, पुलिस बालमित्र रोशना डेविड तथा उड़ान जीएस सोसायटी महासमुंद का निरंतर सहयोग मिल रहा है। पुलिस का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक कर साइबर अपराधों की रोकथाम में उनकी भूमिका सुनिश्चित करना है।
