
मोबाइल छीना, मारपीट की, झूठे केस में फंसाने की धमकी – टीआई पर आरोप
दाढ़ी पकड़कर अपमान का आरोप, सिख समाज पहुंचा एसपी ऑफिस
बिलासपुर। पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। चकरभाठा थाना प्रभारी पर मारपीट और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगे हैं। रायपुर हाईवे स्थित एक ढाबा संचालक ने थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए अभद्र व्यवहार, मारपीट और धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद सिख समाज में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग शिकायत लेकर पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे।
दरअसल मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है, जहां रायपुर हाईवे स्थित गुरुनानक ढाबा के संचालक कुशल मखीजा ने थाना प्रभारी उमेश साहू के खिलाफ शिकायत की है। पीड़ित के मुताबिक उनके ढाबे के सामने कर्मचारियों की एक बिना नंबर की बाइक खड़ी थी, जिसे पुलिस जब्त कर थाने ले गई। जब वे जानकारी लेने थाने पहुंचे तो थाना प्रभारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
पीड़ित का आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनका कॉलर पकड़कर अंदर खींच लिया, मोबाइल फोन छीन लिया और रीडर रूम में ले जाकर दाढ़ी पकड़कर मारपीट की। इस दौरान गाली-गलौज करते हुए झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी गई। कुशल मखीजा ने बताया कि वे सिख समाज से हैं और दाढ़ी पकड़कर मारपीट करना उनकी धार्मिक आस्था के खिलाफ है, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही सिख समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में समाज के लोग पीड़ित के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और थाना प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले को लेकर पुलिस विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं थाना प्रभारी
बताया जा रहा है कि चकरभाठा थाना प्रभारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। इससे पहले ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान वसूली के आरोप लगे थे, वहीं बिल्हा में पदस्थापना के समय भी वे विवादों में आए थे। अब फिर से नया मामला सामने आने के बाद विभाग की छवि पर असर पड़ रहा है।
“थानेदार ने बेवजह धमकी दी और गाली-गलौज की। उनका व्यवहार अभद्र था, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
— कुशल मखीजा, पीड़ित होटल व्यवसायी
“डीएसपी स्तर के अधिकारी से जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।”
— रजनेश सिंह, एसएसपी बिलासपुर
