
रनवे पर सियार दिखने से एयरपोर्ट में हड़कंप, घंटों की मशक्कत के बाद खदेड़ा
बिलासपुर। चकरभाठा स्थित बिलासा हवाई अड्डे में उस समय हड़कंप मच गया जब रनवे के पास अचानक सियारों की मौजूदगी देखी गई। उड़ानों की सुरक्षा को खतरा देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन ने तुरंत वन विभाग और कानन पेंडारी जू की टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने करीब 6 से 7 घंटे की मशक्कत के बाद सियारों को एयरपोर्ट परिसर से बाहर खदेड़ दिया, जिसके बाद प्रबंधन ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार पिछले करीब तीन वर्षों से एयरपोर्ट परिसर में सियारों की समस्या बनी हुई थी। एयरपोर्ट के लगभग 58 हेक्टेयर क्षेत्र में लंबे समय से नियमित सफाई नहीं होने के कारण घास और झाड़ियां घनी हो गई थीं, जो जंगली जानवरों के छिपने का सुरक्षित ठिकाना बन गई थीं। इसी वजह से सियारों का झुंड यहां डेरा जमाए हुए था और कई बार रनवे के आसपास भी नजर आ चुका था।
एयरपोर्ट प्रबंधन की सूचना पर कानन पेंडारी जू की 10 सदस्यीय रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सियारों को पकड़ने के बजाय उन्हें सुरक्षित तरीके से बाहर भगाने की रणनीति बनाई। इसके तहत झाड़ियों की घेराबंदी की गई और कुछ स्थानों पर आग लगाकर धुआं किया गया, जिससे सियार अपने ठिकानों से बाहर निकल आए। टीम के सदस्य अलग-अलग दिशा में फैलकर शोर मचाने लगे, जिससे घबराकर सियार भागते हुए बाउंड्रीवाल के नीचे बने छेद से बाहर निकल गए। इसके बाद उस छेद को तुरंत बंद कर दिया गया ताकि वे दोबारा परिसर में प्रवेश न कर सकें।
बताया जा रहा है कि पहले भी सियारों को पकड़ने के लिए पिंजरे में मुर्गा बांधकर उन्हें फंसाने की कोशिश की गई थी, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो पाया था। वर्ष 2023 में पहली बार सियारों का झुंड एयरपोर्ट परिसर में देखा गया था, जिसके बाद से यह समस्या लगातार बनी हुई थी।
हाल ही में नाइट लैंडिंग की तैयारी के बीच रनवे के पास फिर से चार सियार दिखाई देने से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। उड़ानों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए तत्काल कार्रवाई की गई।
करीब सात घंटे की कार्रवाई के बाद सभी सियारों को एयरपोर्ट परिसर से बाहर खदेड़ दिया गया। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन भविष्य में ऐसी समस्या न हो इसके लिए एयरपोर्ट परिसर में नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई और निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है।
