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खरीदी खत्म, सत्यापन पूरा… फिर बढ़ गया धान,10 लाख के धान का खेल?
बिलासपुर। जिले के पचपेड़ी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बहतरा स्थित धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। केंद्र में सत्यापन के बाद धान की मात्रा बढ़ने से भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है। मामले में केंद्र प्रबंधक और ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, वहीं ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार बहतरा धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी की प्रक्रिया 5 फरवरी को समाप्त हो गई थी। इसके बाद नियमानुसार धान का सत्यापन किया गया, जिसमें कुल 40,135 क्विंटल धान दर्ज पाया गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि सत्यापन के बाद 7 मार्च को रिकॉर्ड में धान की मात्रा बढ़कर 40,454 क्विंटल दर्ज कर दी गई। यानी सत्यापन के बाद भी 319 क्विंटल धान की अतिरिक्त एंट्री कर दी गई, जिससे पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका गहरा गई है।
बताया जा रहा है कि अतिरिक्त दर्ज किए गए धान की कीमत लगभग 10 लाख रुपये के आसपास हो सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब खरीदी बंद हो चुकी थी और सत्यापन भी पूरा हो गया था, तब रिकॉर्ड में धान की मात्रा कैसे बढ़ गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा खेल केंद्र प्रबंधक उमाशंकर पटेल और ऑपरेटर नरेंद्र कुमार पटेल की मिलीभगत से किया गया है। वहीं जिला नोडल अधिकारी एवं सहकारिता विभाग के सीईओ गोदली वर्मा की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
