
महर्षि यूनिवर्सिटी के खिलाफ NSUI का 6 घंटे तक प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग तेज
बिलासपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने बुधवार को जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी एवं महर्षि शिक्षा संस्थान, मंगला बिलासपुर के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्र प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी परिसर का घेराव कर दोपहर 3 बजे से रात 8:30 बजे तक करीब 6 घंटे धरना-प्रदर्शन किया।
धरना के दौरान एनएसयूआई ने संस्थान पर नियमविरुद्ध संचालन, फर्जीवाड़ा, अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। संगठन का कहना है कि विभिन्न नियामक संस्थाओं और शासकीय विभागों की जांच में कई अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है, इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि डी.एल.एड. पाठ्यक्रम का नियमों के विपरीत संचालन, एक ही भवन में दो संस्थानों का संचालन और प्रशासन को भ्रामक जानकारी देने जैसे गंभीर मामलों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से छात्रवृत्ति बंद है, डीएलएड पाठ्यक्रम और इंटर्नशिप पर रोक लगी है तथा विश्वविद्यालय को यूजीसी द्वारा डिफॉल्टर घोषित किया जा चुका है।
एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि संस्थान प्रबंधन को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण कार्रवाई लंबित है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक छात्रहित में निर्णायक कदम नहीं उठाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में एनएसयूआई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे तथा स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया था। पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कुलसचिव ने ज्ञापन स्वीकार कर जल्द जानकारी देने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद एनएसयूआई ने रात 8:30 बजे धरना समाप्त कर दिया।
6 घंटे का घेराव, छात्रहित में कार्रवाई की मांग
दोपहर 3 बजे से शुरू हुआ एनएसयूआई का प्रदर्शन रात 8:30 बजे तक जारी रहा। संगठन का कहना है कि लंबे समय से छात्रों से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जांच में गड़बड़ी के आरोप, फिर भी कार्रवाई नहीं
एनएसयूआई का दावा है कि विभिन्न जांच समितियों में अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है, बावजूद इसके संस्थान पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
