
सैनिकों के सम्मान में स्काउट्स-गाइड्स का अनूठा ‘रक्षा सूत्र अभियान’, हाथों से तैयार कर रहे राखियां
बिलासपुर, 10 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देश की सीमाओं पर तैनात भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, जिला संघ बिलासपुर द्वारा विशेष ‘रक्षा सूत्र अभियान’ शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स अपने हाथों से आकर्षक और हस्तनिर्मित राखियां तैयार कर रहे हैं। इन राखियों को सैनिक भाइयों तक पहुंचाकर उनके प्रति प्रेम, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया जाएगा।
अभियान को लेकर स्काउट-गाइड सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बच्चे और युवा सदस्य अपनी रचनात्मकता का उपयोग करते हुए अलग-अलग डिजाइन और रंगों की राखियां तैयार कर रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल राखी बनाना नहीं, बल्कि देश की रक्षा में दिन-रात तैनात सैनिकों के प्रति अपनी भावनाओं और सम्मान को एक विशेष सूत्र के माध्यम से व्यक्त करना है।
‘एक राखी सैनिक भाई के नाम’ की भावना के साथ चलाए जा रहे इस अभियान को युवाओं में राष्ट्रप्रेम और देशसेवा की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अभियान के माध्यम से स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्यों को सेवा, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के आयोजकों का कहना है कि सैनिक देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपने परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के अवसर पर उनके लिए तैयार की गई प्रत्येक राखी उनके प्रति समाज की भावनाओं, सम्मान और आभार का प्रतीक होगी।
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा और राज्य सचिव ब्रजेश बाजपेयी के मार्गदर्शन में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। जिला स्तर पर जिला मुख्य आयुक्त राजेंद्र कुमार साहू, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अजय कौशिक, जिला सचिव लता यादव, जिला संगठन आयुक्त स्काउट महेंद्र बाबू टंडन तथा जिला संगठन आयुक्त गाइड डॉ. पूनम सिंह के मार्गदर्शन में अभियान से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
‘रक्षा सूत्र अभियान’ के माध्यम से स्काउट्स-गाइड्स ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि देश की रक्षा में जुटे सैनिक अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है। रक्षाबंधन पर भेजी जाने वाली ये हस्तनिर्मित राखियां सैनिकों के लिए स्नेह, सम्मान और देशवासियों की कृतज्ञता का भावपूर्ण प्रतीक बनेंगी।
