
बिना पक्के बिल के कारोबार पर शिकंजा, तीन फर्मों पर ₹60 हजार की शास्ति
सराफा कारोबारियों के बाद अन्य संस्थानों की भी जांच जारी
बिलासपुर/मुंगेली। जिले में जीएसटी नियमों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों पर राज्य कर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सीएम हेल्पलाइन में मिली शिकायतों की जांच के बाद विभाग ने मुंगेली के दो सराफा कारोबारियों और धरमपुरा बायपास स्थित नुकेड़ ढाबा पर कार्रवाई करते हुए कुल ₹60 हजार की शास्ति जमा कराई है। विभाग की कार्रवाई के बाद अन्य कारोबारियों में भी हड़कंप की स्थिति है।
मिली जानकारी के अनुसार, संदीप सिंह ठाकुर द्वारा सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 में 3 अगस्त 2026 को शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में मुंगेली जिले में संचालित सराफा व्यवसायियों द्वारा टैक्स चोरी करने तथा गलत विवरण प्रस्तुत किए जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर राज्य कर विभाग ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पड़ाव चौक स्थित मेसर्स दिनेश ज्वेलर्स तथा बालानी चौक स्थित मेसर्स मोनिका ज्वेलर्स की जांच की गई। विभागीय पत्र के अनुसार जांच के दौरान दोनों फर्मों ने कच्चा बिल काटे जाने की बात स्वीकार की। इसे वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 122(1) का उल्लंघन मानते हुए दोनों फर्मों पर ₹20-₹20 हजार की शास्ति लगाई गई। दोनों फर्मों द्वारा डीआरसी-03 के माध्यम से यह राशि जमा कराई गई।
नुकेड़ ढाबा पर भी हुई कार्रवाई-
इससे पहले ग्राम धरमपुरा के बायपास मार्ग स्थित नुकेड़ ढाबा के खिलाफ भी पक्का बिल नहीं दिए जाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की गई थी। शिकायतकर्ता अविनाश पाण्डेय की शिकायत पर विभाग ने जांच की। जांच में संबंधित फर्म का जीएसटी पंजीयन 24 जनवरी 2025 से निरस्त पाया गया। शिकायत के साथ प्रस्तुत बिल फर्म द्वारा ही जारी किया जाना स्वीकार किया गया।
इसके बाद वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम की धारा 122 के तहत कार्रवाई करते हुए विभाग ने ₹20 हजार की शास्ति आरोपित की। विभागीय पत्र के अनुसार यह राशि भी डीआरसी-03 के माध्यम से जमा कर दी गई है।
जिले के अन्य कारोबारियों पर भी नजर-
राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुंगेली जिले में पंजीकृत अन्य सराफा संस्थानों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। जांच के दौरान यदि जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन या किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत से कार्रवाई तक-
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के बाद राज्य कर विभाग द्वारा की गई जांच में तीन अलग-अलग कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई सामने आई है। दो सराफा फर्मों पर कच्चा बिल काटने के मामले में ₹20-₹20 हजार तथा धरमपुरा बायपास स्थित नुकेड़ ढाबा पर ₹20 हजार की शास्ति लगाई गई। इस तरह विभागीय कार्रवाई में कुल ₹60 हजार की राशि शास्ति के रूप में जमा कराई गई है। विभाग ने साथ ही स्पष्ट किया है कि जिले के अन्य पंजीकृत सराफा संस्थानों की जांच भी जारी है और जीएसटी नियमों के उल्लंघन पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
