
एक दिन, 15 हजार पौधे और हरियाली का संकल्प, एसईसीएल का अनूठा अभियान
बिलासपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से कोल इंडिया लिमिटेड के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के तहत साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने मंगलवार को बिलासपुर के कोनी स्थित नवीन कमिश्नर कार्यालय के पीछे 1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से 15 हजार पौधों का वृक्षारोपण किया। यह परियोजना बिलासपुर शहर की पहली मियावाकी वन परियोजना मानी जा रही है।
कोल इंडिया के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत एक ही दिन में सर्वाधिक पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में एसईसीएल अपने विभिन्न संचालन क्षेत्रों में एक ही दिन में 3 लाख 20 हजार से अधिक पौधों का रोपण कर रहा है।
मियावाकी तकनीक से विकसित होने वाला यह सघन शहरी वन भविष्य में जैव विविधता के संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने तथा स्थानीय पर्यावरण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस तकनीक में कम जगह पर अधिक संख्या में पौधे लगाए जाते हैं, जिससे कम समय में घना जंगल विकसित हो जाता है।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील कुमार जैन, निदेशक (एचआर) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र, कोल इंडिया के कार्यपालक निदेशक के. राजशेखर, महाप्रबंधक (पर्यावरण) संजय सिन्हा सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश दिया।
इस अवसर पर अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मियावाकी पद्धति से विकसित होने वाले ऐसे सघन वन हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
