
ऋषिकेश गए परिवार के सूने मकान में लाखों की चोरी की गुत्थी सुलझी, तीन नाबालिग निकले आरोपी
बिलासपुर। शहर के गणेश चौक स्थित सूने मकान में हुई चर्चित लाखों रुपये की चोरी की गुत्थी आखिरकार सिविल लाइन पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने 10 से 13 वर्ष आयु के तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया है। पूछताछ के दौरान तीनों ने चोरी करना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार गणेश चौक निवासी रजनीश सेठ 18 जुलाई को परिवार सहित ऋषिकेश घूमने गए थे। उनके घर पर रात में सुरक्षा गार्ड तैनात था। 23 जुलाई की रात गार्ड ने घर के पीछे लगी विंडो एसी निकली हुई देखकर इसकी सूचना दी। जांच में पता चला कि अज्ञात चोर एसी हटाकर घर के अंदर घुसा और अलमारी खोलकर चोरी कर फरार हो गया।
प्रार्थी के बिलासपुर लौटने के बाद दी गई लिखित शिकायत पर थाना सिविल लाइन में अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर थाना सिविल लाइन पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में तीनों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने ₹1,06,635 नकद, ₹4,500 के पुराने नोट, सोने-चांदी के विभिन्न आभूषण, बहुमूल्य रत्न, पीतल और कांसे के पूजा एवं घरेलू उपयोग के सामान, नल की टोटियां, सिटकनी, कब्जे तथा अन्य धातु के सामान बरामद कर जब्त किए। बरामद सामान की पहचान प्रार्थी द्वारा कर ली गई है।तीनों विधि से संघर्षरत बालकों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम एवं अन्य प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
