
मक्कार’ टिप्पणी पर इंजीनियरों का विरोध, चार दिन बाद कलेक्ट्रेट पहुंचा अभियंता संघ
एमआईसी बैठक में हुई टिप्पणी पर माफी और कार्रवाई की मांग, महापौर व आयुक्त के नाम सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर।नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में अभियंताओं के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए “मक्कार” शब्द का विवाद अब गहरा गया है। शुक्रवार को हुई बैठक के चार दिन बाद सोमवार को मुख्य अभियंता राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व में नगर निगम के अभियंताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर महापौर और निगम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। अभियंताओं ने संबंधित एमआईसी सदस्य की टिप्पणी को पूरे अभियंता संवर्ग का अपमान बताते हुए सार्वजनिक माफी और उचित कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में अभियंताओं ने कहा कि किसी संवैधानिक बैठक में पूरे इंजीनियरिंग संवर्ग के लिए इस तरह की टिप्पणी करना उनकी गरिमा, ईमानदारी और पेशेवर प्रतिष्ठा पर सीधा आघात है। उन्होंने कहा कि निगम के अभियंता केवल निर्माण कार्यों की निगरानी ही नहीं करते, बल्कि सर्वेक्षण, प्राक्कलन, निविदा प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, भवन अनुज्ञा, जलप्रदाय, जल निकासी, सड़क प्रकाश व्यवस्था, अतिक्रमण कार्रवाई, न्यायालयीन प्रकरण, बाढ़ नियंत्रण, आपदा राहत और निर्वाचन जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाते हैं।
अभियंताओं ने यह भी कहा कि विकास कार्यों में देरी के पीछे भूमि विवाद, सीमांकन, बजट, प्रशासनिक स्वीकृति और विभिन्न विभागों के समन्वय जैसी व्यावहारिक समस्याएं होती हैं। इसके अलावा निगम के कई जोनों में तकनीकी और लिपिकीय कर्मचारियों की कमी के कारण अभियंताओं पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी हैं। ऐसे में पूरे संवर्ग को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।
ज्ञापन में उन्होंने विवादित टिप्पणी का अधिकृत संज्ञान लेने, संबंधित एमआईसी सदस्य से सार्वजनिक रूप से टिप्पणी वापस लेकर अभियंता संवर्ग से क्षमा-याचना कराने, भविष्य में सार्वजनिक बैठकों में अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा पर रोक लगाने तथा निगम में रिक्त तकनीकी और मैदानी पदों को भरने की मांग की है। अभियंताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि अपने संवर्ग के सम्मान की रक्षा करना है।
पूरा मामला
24 जुलाई की एमआईसी बैठक में शहर के अधूरे विकास कार्यों, खासकर शनिचरी मंडी–साइंस कॉलेज मार्ग पर निर्माणाधीन नाले को लेकर तीखी बहस हुई। इसी दौरान एमआईसी सदस्य बंधु मौर्य ने इंजीनियरों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए “मक्कार” शब्द का इस्तेमाल किया। निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने तत्काल इस भाषा पर आपत्ति जताई और कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है। बैठक के चार दिन बाद इसी टिप्पणी के विरोध में अभियंता संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए सार्वजनिक माफी और कार्रवाई की मांग कर दी।
एमआईसी बैठक में अभियंता समुदाय को मक्कार कहकर संबोधित किया गया जो की बहुत निदनीय है हालांकि आयुक्त द्वारा तुरंत इसके विरुद्ध प्रोटेस्ट किया गया था हम आज इसलिए यहां है ताकि दोबारा ऐसे पुनर्वित्ति न हो- राजकुमार मिश्रा,मुख्य अभियंता
मक्कार शब्द कोई गाली नहीं है गैर जिम्मेदाराना रवैया के लिए यह शब्द बोला है। इनको कोई मतलब नहीं है मौके पर जाकर देखना चाहिए कि ठेकेदार किस तरह काम कर रहा है क्या मिल रहा है और क्या नहीं- बंधु मौर्य,पार्षद
