
रायगढ़ कथक घराने के पुरोधा पद्मश्री रामलाल बरेठ को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित
बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
बिलासपुर। बिलासपुर शहर के निवासी रायगढ़ कथक घराने के पुरोधा पद्मश्री रामलाल बरेठ को 13 अगस्त 2026 को संगीत के सर्वोच्च सम्मान संगीत नाटक अकादमी फ़ेलोशिप सम्मान से महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्रोपदी मुर्मू के द्बारा विज्ञान भवन दिल्ली में सम्मानित किया गया। सम्मान में महामहिम राष्ट्रपति के साथ केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिह संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉक्टर संध्या पूरेचा संस्कृति सचिव भारत सरकार विवेक अग्रवाल उपस्थित थे। राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में सभी सम्मानित कला मनीषियों के लिए कहा कि हम किसी कला साधक का सम्मान नहीं कर रहे हम उनकी तपस्या उनके संघर्ष उनकी साधना एवं गुरु शिष्य की परंपरा का सम्मान कर रहे हैं, जिन्हें हम नहीं देख पाते। अत्यंत गौरव का विषय है की फ़ेलोशिप र‘ सम्मान की लिस्ट में सर्वप्रथम नाम पद्मश्री रामलाल बरेठ का था। इस सम्मान से रायगढ़ कथक घराना ही नहीं बिलासपुर शहर छत्तीसगढ़ राज्य भी सम्मानित हुआ है। उल्लेखनीय है कि इस सम्मान से पूर्व रामलाल बरेठ को उनके योगदान के लिए छत्तीसगढ़ का चक्रधर सम्मान मध्यप्रदेश का शिखर सम्मान, केंद्र सरकार का संगीत नाटक अकादमी सम्मान और भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से आपको सम्मानित किया जा चुका है । बिलासपुर शहर के लिए यह भी गौरव का विषय है कि उनके पुत्र कथक गुरु एवं नर्तक भूपेंद्र बरेठ द्बारा संचालित कार्तिक कथक नृत्य केंद्र मंगला में अपने पुत्र के साथ रायगढ़ कथक घराने के छात्र-छात्राएं तैयार कर रहे हैं। उनके इस सम्मान से आपका पूरा परिवार समाज बिलासपुर शहर और छत्तीसगढ़ के कला रसिक एवं नागरिक अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

