
कैबिनेट के अहम फैसले: किसानों को खाद उपलब्धता के लिए बनेगी मंत्री-स्तरीय समिति, अग्निवीरों को 10% आरक्षण
बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को मंत्रालय में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार सहित कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट ने खरीफ एवं रबी सीजन में किसानों को उर्वरकों की समयबद्ध और सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री-स्तरीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी। यह समिति उर्वरकों की आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन से जुड़े विषयों पर सुझाव, अनुशंसा और मार्गदर्शन देगी।
उप समिति के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव होंगे। कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग, सहकारिता विभाग तथा वित्त विभाग के कैबिनेट मंत्री समिति के सदस्य रहेंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक होंगे। आवश्यकता पड़ने पर समिति संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सकेगी।
कैबिनेट ने अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। राज्य की तृतीय श्रेणी की सीधी भर्ती में पुलिस विभाग के आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वनरक्षक तथा जेल विभाग के प्रहरी पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने हेतु छत्तीसगढ़ अग्निवीरों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026 बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। आरक्षण का लाभ उन अग्निवीरों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इन निर्णयों से एक ओर किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी, वहीं दूसरी ओर अग्निवीरों को राज्य सेवाओं में बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही पुलिस, वन और जेल विभाग को प्रशिक्षित एवं अनुशासित मानव संसाधन का लाभ मिलेगा।
