
अच्छे काम पर शाबाशी, लापरवाही पर चेतावनी: बिलासपुर पुलिस में कार्रवाई
नए आपराधिक कानून के पालन की समीक्षा, ई-साक्ष्य, प्राथमिकी, आरोप पत्र और न्यायालयीन प्रक्रिया में बेहतर काम करने वालों को सम्मान
बिलासपुर। नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद बिलासपुर पुलिस ने थानों में दर्ज मामलों की विवेचना और न्यायालयीन प्रक्रिया में अधिकारियों-कर्मचारियों के कामकाज की व्यापक समीक्षा की है। समीक्षा के आधार पर बेहतर कार्य करने वाले थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों की सेवा पुस्तिका में प्रशंसा दर्ज की गई है, जबकि लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी दी गई है। ई-साक्ष्य तैयार करने और उसे अपराध से जोड़ने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 पुलिसकर्मियों को 500-500 रुपये का नकद पुरस्कार, कुल 5 हजार रुपये दिए गए हैं।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर कार्यालय से जारी आदेशों के अनुसार 1 जुलाई 2024 से 4 अगस्त 2026 तक थानों में दर्ज प्रकरणों की स्थिति, निर्धारित समय सीमा में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तैयार करने, डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्राथमिकी एवं आरोप पत्र अपलोड करने तथा अन्य प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई।
समय पर आरोप पत्र पेश करने वालों की प्रशंसा
निर्धारित समय में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने पर सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक किशोर कैवट, रतनपुर के निरीक्षक निलेश पाण्डेय, सीपत के निरीक्षक राजेश मिश्रा, मस्तूरी के निरीक्षक कृष्ण चंद्र सिदार, तोरवा के निरीक्षक रजनीश सिंह, बिल्हा के निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, कोनी के निरीक्षक विवेक पाण्डेय और तखतपुर के निरीक्षक अवनीश पासवान सहित अन्य थाना प्रभारियों की सेवा पुस्तिका में प्रशंसा दर्ज की गई।
चिकित्सकीय दस्तावेज भेजने में भी बेहतर कार्य
नए आपराधिक कानून के तहत चिकित्सकीय विधिक परीक्षण तथा मृत्यु परीक्षण से संबंधित प्रपत्रों को मेडलीपर पोर्टल के माध्यम से भेजने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सिरगिट्टी के निरीक्षक यशवंत प्रताप सिंह, सकरी के निरीक्षक उमेश साहू, सरकंडा के निरीक्षक प्रदीप आर्य, रतनपुर के निरीक्षक निलेश पाण्डेय, मस्तूरी के निरीक्षक कृष्ण चंद्र सिदार, बिल्हा के निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, सिविल लाइन के निरीक्षक किशोर कैवट, कोनी के निरीक्षक विवेक पाण्डेय, चकरभाठा के निरीक्षक भावेश शेण्डे और तखतपुर के निरीक्षक अवनीश पासवान की भी प्रशंसा की गई।
डिजिटल प्रक्रिया में बेहतर काम करने वालों को शाबाशी
डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्राथमिकी और आरोप पत्र को अपराध एवं अपराधी निगरानी तंत्र में अपलोड करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छह थाना प्रभारियों को भी प्रशंसा दी गई। इनमें सिरगिट्टी के निरीक्षक यशवंत प्रताप सिंह, सकरी के निरीक्षक उमेश साहू, मस्तूरी के निरीक्षक कृष्ण चंद्र सिदार, सरकंडा के निरीक्षक प्रदीप आर्य, बिल्हा के निरीक्षक तोपसिंह नवरंग और पचपेड़ी की निरीक्षक कमला पुरसाम शामिल हैं।
इसी तरह अपराधों की विवेचना में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तैयार कर उसकी पहचान संख्या बनाने और उसे अपराध से जोड़ने में बेहतर कार्य करने वाले सीपत के निरीक्षक राजेश मिश्रा, हिर्री के निरीक्षक दामोदर मिश्रा, चकरभाठा के निरीक्षक भावेश शेण्डे, पचपेड़ी की निरीक्षक कमला पुरसाम और कोनी के निरीक्षक विवेक पाण्डेय की भी सेवा पुस्तिका में प्रशंसा दर्ज की गई है।
रासायनिक परीक्षण के लिए साक्ष्य भेजने में भी सराहना
इलेक्ट्रॉनिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला के माध्यम से साक्ष्यों को रासायनिक परीक्षण के लिए भेजने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकंडा के निरीक्षक प्रदीप आर्य, सिरगिट्टी के निरीक्षक वाय.पी. सिंह, सिविल लाइन के निरीक्षक किशोर कैवट, सकरी के निरीक्षक उमेश साहू, रतनपुर के निरीक्षक निलेश पाण्डेय, सीपत के निरीक्षक राजेश मिश्रा, तोरवा के निरीक्षक रजनीश सिंह, कोनी के निरीक्षक विवेक पाण्डेय और तखतपुर के निरीक्षक भावेश शेण्डे को भी प्रशंसा दी गई है।
10 पुलिसकर्मियों को पांच हजार रुपये का पुरस्कार
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तैयार कर उसकी पहचान संख्या बनाने और उसे अपराध से जोड़ने में उत्कृष्ट कार्य करने पर 10 पुलिसकर्मियों को 500-500 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। इनमें सकरी के उप निरीक्षक गणेशराम महिलांगे, कोटा की उप निरीक्षक मीना ठाकुर, सिरगिट्टी की उप निरीक्षक संतोषी अग्रवाल, सीपत के सहायक उप निरीक्षक धर्मेंद्र यादव, सहायक उप निरीक्षक भरत सिंह मरकाम, सहायक उप निरीक्षक कमलफूल साहू, सरकंडा के प्रधान आरक्षक भुनेश्वर मरावी, कोटा के प्रधान आरक्षक सत्यप्रकाश यादव, तखतपुर के प्रधान आरक्षक जयपाल बंजारे और सरकंडा की प्रधान आरक्षक संगीता नेताम शामिल हैं।
लापरवाही पर 36 थाना प्रभारियों को चेतावनी
अच्छे काम पर पुरस्कार के साथ ही लापरवाही पर पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्राथमिकी और आरोप पत्र अपलोड करने में लापरवाही पर
10 थाना प्रभारियों को चेतावनी दी गई है।
इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से संबंधित प्रावधानों का पालन नहीं करने पर 8 थाना प्रभारियों को चेतावनी दी गई है। वहीं नए आपराधिक कानून के तहत निर्धारित 60 और 90 दिनों की समय सीमा में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत नहीं करने पर 18 थाना प्रभारियों को चेतावनी दी गई है।
इनमें बिल्हा, सीपत, मस्तूरी, तखतपुर, सिटी कोतवाली, कोनी, सिविल लाइन, सकरी, चकरभाठा, तारबाहर, पचपेड़ी, हिर्री, रतनपुर, महिला थाना, अजाक थाना, तोरवा, सिरगिट्टी और रेंज साइबर थाना के प्रभारी शामिल हैं।
दोहरी नीति नहीं, काम के आधार पर मूल्यांकन
बिलासपुर पुलिस के इन आदेशों से स्पष्ट है कि नए आपराधिक कानूनों के तहत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, डिजिटल दस्तावेज, प्राथमिकी, आरोप पत्र और न्यायालय में समय पर कार्रवाई को गंभीरता से लिया जा रहा है। बेहतर काम करने वालों को सेवा पुस्तिका में प्रशंसा और नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जबकि लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी देकर सुधार का अवसर दिया गया है।
