सुधीर तिवारी
जर्जर कम्पोजिट बिल्डिंग की बदहाली पर कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञाप
सीपेज, जलभराव, शौचालय और बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग, नई बिल्डिंग निर्माण का प्रस्ताव बनाने की भी उठी मांग
बिलासपुर। पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग की जर्जर हालत और लगातार बढ़ती मूलभूत समस्याओं को लेकर विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बुधवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने भवन की मरम्मत के साथ ही उसे ध्वस्त कर नई इमारत निर्माण का प्रस्ताव तैयार कराने की मांग भी उठाई।
कर्मचारियों ने ज्ञापन में बताया कि इस वर्ष हुई भारी बारिश के कारण भवन में जगह-जगह सीपेज हो रही है। कई कार्यालयों में पानी भरने से कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न कार्यों से आने वाले आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 1959 में निर्मित यह भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है और इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
ज्ञापन मिलने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि वर्षा समाप्त होने के बाद सितंबर 2026 से आवश्यक कार्य शुरू कराने की दिशा में पहल की जाएगी।
मांगपत्र में भवन की आंशिक मरम्मत और रंगरोगन, पर्याप्त वाहन पार्किंग की व्यवस्था, पुरुष एवं महिला कर्मचारियों के जर्जर शौचालयों का जीर्णोद्धार, नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने, नई विद्युत लाइन बिछाने तथा पुरानी इमारत को हटाकर नई कम्पोजिट बिल्डिंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने जैसी मांगें शामिल हैं।
ज्ञापन सौंपने वालों में सुनील यादव, आर.के. गुप्ता, सूर्यप्रकाश कश्यप, राहुल यादव, देवेंद्र ठाकुर, किशोर शर्मा, जियाली राम सुरक्षित, एच.एन. पुरैना, डी.के. पाटिल, मनीष रात्रे, श्वेता दुबे, मीनू अग्रवाल, मुक्ति मेरी, ममता रायकर, शिवानी मुले, चंद्रेश, अवधेश कुमार तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

