बिलासपुर आगमन पर पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ का राष्ट्रीय रजक महासंघ ने किया भव्य स्वागत
बिलासपुर। कथक गुरु एवं पद्मश्री से सम्मानित पंडित रामलाल बरेठ के बिलासपुर आगमन पर राष्ट्रीय रजक महासंघ छत्तीसगढ़ की ओर से भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप (रत्न) जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत होने के बाद उनके प्रथम आगमन को समाज और छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक क्षण बताया गया|

पंडित रामलाल बरेठ रायगढ़ राजघराने की समृद्ध कथक परंपरा के प्रमुख संवाहकों में शामिल हैं। उनके पिता पंडित कार्तिक राम बरेठ रायगढ़ दरबार के प्रतिष्ठित गुरु रहे हैं। पंडित रामलाल बरेठ ने महाराजा चक्रधर सिंह के सानिध्य में कथक की तालीम प्राप्त की और रायगढ़ दरबार के अंतिम जीवित दरबारी नर्तकों में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ तथा चक्रधर नृत्य केंद्र, भोपाल में सेवाएं देकर कथक की परंपरा को आगे बढ़ाया।
स्वागत समारोह में प्रदेश अध्यक्ष विश्राम निर्मलकर ने कहा कि कला के क्षेत्र में सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करना पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रासधारी डॉ. उग्रसेन कन्नौजे ने इसे समाज के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। इस अवसर पर समाज की ओर से पंडित रामलाल बरेठ को शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. विनय कुमार पाठक, वरिष्ठ साहित्यकार एवं भाषाविद तथा कुलपति ठाणे विश्वविद्यालय, प्रदेश अध्यक्ष विश्राम निर्मलकर, डॉ. उग्रसेन कन्नौजे, प्रदेश मीडिया प्रभारी चंद्र कुमार निरनेजक, संभागीय सलाहकार परस राम निरनेजक, संभागीय महासचिव माखन निर्मलकर, कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के संभागीय संयोजक भूपेंद्र बरेठ, जिला कार्यकारी अध्यक्ष सुशील निर्मलकर, जिला सचिव सुखदेव निर्मलकर, जिला उपाध्यक्ष रामानुज निरनेजक, शिक्षा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. विनोद निर्मलकर, नगर महासचिव दरसराम कर्ष, सचिव राम बाबू कर्ष, राहुल बरेठ, सनत निर्मलकर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में नगर महासचिव दरसराम कर्ष ने आयोजन की जानकारी दी।
